Basant Ritu in Hindi
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आज हम बात करेंगे Basant Ritu par nibandh में वसंत ऋतु के बारे में . वैज्ञानिक मौसम विभाग के अनुसार मौसम को चार भागो में बाँटा गया है; जैसे शीत ऋतु, ग्रीष्म ऋतु, वर्षा ऋतु और शरद ऋतु. उत्तरी भारत और उसके निकटवर्ती हिस्सों में माना जाता है कि एक वर्ष में 6 ऋतुये होती हैं. यह 6 ऋतुएं निम्नलिखित हैं-
| 1 | वसंत ऋतु (Spring) | चैत्र , वैशाख | मार्च से अप्रैल तक |
| 2 | ग्रीष्म ऋतु (Summer) | ज्येष्ठ, आषाढ़ | मई से जून तक |
| 3 | वर्षा ऋतु (Rainy) | श्रावन, भाद्रपद (भादों) | जुलाई से सितेम्बर तक |
| 4 | शरद ऋतु (Autumn) | आशिवन (क्वार), कार्तिक | अक्टूबर से नवम्बर तक |
| 5 | हेमंत ऋतु (Pre winter) | मार्गशीर्ष (अघैन), पौष | दिसम्बर से 15 जनवरी तक |
| 6 | शिशिर ऋतु (Winter) | माघ, फाल्गुन | 15 जनवरी से फरवरी तक |
वसंत ऋतु पर निबंध 1000 शब्द
वसंत ऋतु सभी ऋतुओं से बेहतर होती है इसमें मौसम बहुत सुहावना रहता है. इसीलिए वसंत ऋतु को ऋतुओं का राजा अर्थात ऋतुराज कहते है. इस मौसम में सर्दी कम होती है और गर्मी भी कम ही रहती है. गर्मी और सर्दी के अनुसार वसंत ऋतु में मौसम सामान्य रहता है.
वसंत ऋतु कब आती है
यह ऋतु चेत्र के माह से प्रारम्भ हो जाता है और सिर्फ 2 माह का ही रहता है यानि चेत्र और वैशाख, यह दोनों महीने वसंत ऋतु के कहलाते हैं.
अंग्रेजी महीनो की बात करें तो spring season की शुरुआत February के आखरी सप्ताह या March से हो जाती है और April में यह season का समापन हो जाता है. English और हिंदी कैलेंडर कभी कभी आपस में मैच नही खाते तो कभी कभी यह ऋतु मार्च अप्रैल में थोडा सा आगे पीछे हो जाती है.
वसंत ऋतु, शिशिर ऋतु यानि के winter season के बाद आती है और यह लगभग 2 महीने तक रहती है. वसंत ऋतु के बाद ग्रीष्म ऋतु आती है जिसमे मौसम खूब गर्म होने लगता है.
वसंत ऋतु का वर्णन
वसंत ऋतु में प्रकृति का एक अलग ही नजारा देखने को मिलता है. इस मौसम में प्रकृति बहुत ही खुबसूरत अंदाज़ में देखने को मिलती है. ऐसा लगता है जैसे चारो तरफ प्रकृति की ख़ुशी का माहौल है. वसंत ऋतु में प्रकृति को देखने में बहुत आनंद मिलता है क्यूंकि इस समय प्रकृति अपनी छटा वखेरे हुए होती है. पेड़ पौधे नए पत्तो व फूलो से सजने लगते है.
आम के पेड़ो पर इसी मौसम में बौर आता है जो आम का एक तरह का फूल ही होता है. इससे आम के पेड़ पूरी तरह लधे होते हैं और देखने में यह बहुत ही ज्याद खुबसूरत लगते हैं.
आम के पेड़ो पर जब बौर आता है तो इन पेड़ो की कुछ पत्तियां भी नई आने लगती है जो इसकी सुन्दरता को और बड़ा देती है . इसके साथ साथ इस आम के बौर में से मीठी मीठी सुगंध भी आती है जो प्रकृति में और चार चाँद लगा देती है.
वसंत ऋतु का महत्व
इस ऋतु का अन्य ऋतुओं के अलावा हमारे जीवन में एक अलग ही योगदान है. इस ऋतु में जहाँ हमें अधिक शर्दी से छुटकारा मिलता है तो वहीँ इस ऋतु में अधिक गर्मी का भी समना नहीं करना पड़ता है. मौसम इतना शानदार होता है जैसे मानो दिल करता है कि यह मौसम कुछ दिन और रहे. लेकिन प्रकर्ति का यह नियम है के मौसम हमेशा एक जैसा नहीं रहता है.
अगर बात करें spring season में किसानो के बारे में तो उनके लिए भी यह ऋतु बहुत महत्वपूर्ण होती हैं. किसानो के सरसों के खेत वसंत ऋतु में फूलों से खिले हुए होते हैं. सरसों के पीले पीले सुन्दर फूल इस ऋतु को और भी मनमोहक बना देते हैं. किसान की कई फसलें जैसे मक्का, धनिया, मसूर आदि इस ऋतु में तैयार हो जाती हैं.
वसंत ऋतु में कौन-कौन से त्योहार आते हैं
अगर हम बात करे कुछ त्योहारों की तो इस ऋतु में वसंत पंचमी बड़े हर्ष उल्लास के साथ मनाई जाती हैं. और फिर होली का रंग विरंगा त्योहार भी इसी ऋतु में आता है. जिस तरह पेड़ पौधे अपने आप को रंग विरंगे फूलों से सजा लेते हैं उसी तरह लोग भी इसी ऋतु में होली के सुभ अवसर पर अपने आप को रंग लेते हैं.
उपसंहार
वसंत ऋतु का सीधा सम्बन्ध प्रकृति अपनी से है . क्यूंकि प्रकृति वसंत ऋतु में एक अलग ही अंदाज़ में दिखाई देती है. इन दिनों में हवाएं एकदम मस्त होते हुए चलती हैं. बागों में कोयल अपनी मधुर वाणी में कू कू करती है. इस सुहावने मौसम में कोयल की बोली कानो में मधुर रस घोलती है.
बागो में पेड़ो पर नई नई पत्तियाँ आई हुई होती हैं जो देखने में बहुत अच्छी लगती हैं. वसंत ऋतु में इसीलिए वागों में जाना वहाँ की सैर करना बहुत अच्छा लगता है. वसंत ऋतु में घर से बाहर निकलना, घूमना फिरना बहुत अच्छा लगता है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर होते है. और मन को शांति भी मिलती है.
लेकिन इस मौसम में कुछ स्वास्थ्य से सम्बंधित नुकसान भी होते हैं. जैसे कि इस ऋतु में शर्दी ख़त्म होने को होती है और गर्मी का मौसम आने के लिए तैयार होता है. तो इस दौरान बदलते मौसम के चलते हमारा स्वास्थ्य थोडा बिगड़ सकता है अगर इस पर ध्यान नही दिया जाये तो. हर बदलते मौसम में हमें अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए.
वसंत ऋतु पर निबंध 200 शब्द
वसंत ऋतु सभी ऋतुओं से बेहतर मानी गयी है इसे ऋतुराज भी कहा गया है. कहा जाता है कि वसंत ऋतु सभी ऋतुओं का राजा है. इसमें मौसम बहुत अच्छा रहता है.
मार्च और अप्रैल के आसपास का समय वसत ऋतु का होता है, इस समय मौसम में अधिक गर्मी नहीं होती है और सर्दी भी ज्यादा नहीं होती है. यह ऋतु सर्दी के मौसम के बाद आती है और जाते जाते गर्मी दे जाती है.
वसंत ऋतु में तरह तरह के फूल देखने को मिलते हैं. सरसों के खेतों में सरसों के फूल इसी ऋतु में खिलते हैं जो देखने में बहुत सुन्दर लगते हैं. आम के पेड़ो पर बौहर इसी ऋतु में आता है.
पेड़ पौधों पर नई नई पत्तियाँ वसंत ऋतु में आना शुरू हो जाती हैं और सभी पेड़ नए नए हरे भरे दिखाई देते हैं. इस ऋतु में जगल में घूमना बहुत अच्छा लगता है.
कुछ फसलें जैसे- मक्का, धनिया, मसूर आदि इस ऋतु में तैयार हो जाती हैं. और होली का त्योहार और वसंत पंचमी भी इसी समय आते हैं. जो इस ऋतु को और खास बनाते हैं.
वसंत ऋतु में हमें अपनी सेहत का ख्याल रखना चाहिए क्यूंकि इस समय मौसम सर्दी से गर्मी की ओर परिवर्तित होता है.
वसंत ऋतु पर निबंध 100 शब्द
वसंत ऋतु सभी ऋतुओं से बेहतर ऋतु मानी जाती है. क्यूंकि इस ऋतु में मौसम बहुत अच्छा होता है. वसंत ऋतु में अधिक गर्मी भी नहीं होती है और अधिक शर्दी भी नहीं होती है.
मौसम सामान्य रहता है. इसीलिए वसंत ऋतु को ऋतुराज भी कहा जाता है. यह मौसम शिशिर ऋतु (Winter) के बाद आता है और मार्च से अप्रेल तक रहता है. इसके बाद शुरू होता है गर्मी का मौसम.
वसंत ऋतु में पेड़ पौधों पर नई नई पत्तियाँ आने लगती हैं. तरह तरह के खुबसूरत फूल भी ज्यादातर इसी मौसम में देखने को मिलते हैं. आम के पेड़ पर बौहर इसी ऋतु में आता है.
वसंत ऋतु पर 10 वाक्य
- वसंत ऋतु को सभी ऋतुओं का राजा माना जाता है इसीलिए इसे ऋतुराज भी कहते हैं.
- यह ऋतु शीत ऋतु के बाद और ग्रीष्म ऋतु से पहले आती है.
- वसंत ऋतु लगभग फरवरी और मार्च में आती है.
- इस मौसम में अधिक गर्मी भी नहीं होती है और ना ही अधिक सर्दी होती है.
- यह सभी ऋतुओं से बेहतर ऋतु मानी जाती है.
- इस समय पेड़ों पर नई नई पत्तियाँ आने लगती हैं.
- आम के पेड़ो पर बौहर वसंत ऋतु में ही आता है.
- वसंत ऋतु में मौसम बहुत खुबसूरत होता है.
- वसंत ऋतु में वसंत पंचमी और होली का त्योहार आता है.
- वसंत ऋतु में काफी रंग बिरंगे फूल खिलते हैं.
Vasant Ritu (FAQ)
Q1. स्प्रिंग सीजन कब से कब तक रहता है?
Ans.वसंत ऋतु मतलब स्प्रिंग सीजन, फरवरी में शुरू हो जाती है और मार्च व अप्रैल तक रहती है.
Q2. Seasons कितने प्रकार के होते हैं?
Ans. ऋतुएं 6 प्रकार की होती हैं जो निम्नलिखित हैं-
- वसंत ऋतु (Spring)
- ग्रीष्म ऋतु (Summer)
- वर्षा ऋतु (Rainy)
- शरद ऋतु (Autumn)
- हेमंत ऋतु (Pre winter)
- शिशिर ऋतु (Winter)
Q3. वसंत ऋतु में मौसम कैसा होता है?
Ans. वसंत ऋतु में मौसम बहुत सुहावना होता है. वसंत ऋतु में अधिक शर्दी भी नहीं होती है और ज्यादा गर्मी भी नहीं होती है.
Q4. वसंत ऋतु में कौन से त्योहार आते हैं?
Ans. वसंत ऋतु में वसंत पंचमी और होली का त्योहार आता है.

Shanu Ali Khan is a Hindi education writer with a postgraduate qualification. He writes career guidance articles and study materials for students in simple Hindi. He has over five years of experience in educational content writing.




