Parivar Niyojan ke Upay : परिवार नियोजन के उपाय लिखिए

Parivar Niyojan ke Upay

परिवार नियोजन के उपाय में जनसंख्या को सीमित रखने के लिए विभिन्न प्रकार के Birth control methods परिवार नियोजन के साधनों का प्रयोग किया जाता है । परिवार के आकार को सीमित रखना ही परिवार नियोजन अर्थात Birth control कहलाता है। Parivar Niyojan ke Upay में गर्भनिरोधक का सहारा लिया जाता है । गर्भनिरोध के साधनों से निषेचन को रोका जाता है, भ्रूण के गर्भाशय में रोपण को रोका जाता है । अंत में गर्भ समापन का भी प्रयोग किया जा सकता है।

भारत में जनसँख्या दर तेजी से बढ़ रही है । भारत में जनसँख्या वृद्धि के कुछ प्रमुख कारण हैं जिनकी वजह से जनसँख्या काफी तेजी से बढ़ रही है । परिवार नियोजन के उपाय का प्रयोग करके जनसँख्या वृद्दि को नियंत्रित किया जा सकता है ।

गर्भनिरोधक उपायों (Birth control methods) को दो भागों में बांट सकते हैं-

(A) पुरुषों के लिए परिवार नियोजन के उपाय (Birth control methods for Men)

पुरुषों के द्वारा उपयोग में लाए जाने वाले गर्भनिरोध के साधन अभी सीमित हैं । अभी तक पुरुषों के लिए केवल निम्न दो साधन ही उपलब्ध हैं –

1: कंडोम का प्रयोग ( Use of Condom) – इसका प्रयोग पुरुषों द्वारा संभोग के समय किया जाता है । इसमें पुरुष अपने शिशन पर कंडोम चढ़ा लेता है जिससे स्खलन के समय वीर्य कंडोम में ही रह जाता है । और शुक्राणु स्त्री के जनन तंत्र में प्रवेश नहीं कर पाते । यह गर्भनिरोध का सबसे अधिक लोकप्रिय तथा सस्ता साधन है ।

2: पुरुष नसबंदी या वैसेक्टमी (Vasectomy) –  यह स्थाई उपाय है; इसमें वृषण कोष के पास एक छोटा सा ऑपरेशन करके शुक्रवाहिनी को काटकर बांध दिया जाता है । इस प्रकार शुक्राणु निर्माण की प्रक्रिया सामान्य रूप से चलती रहती है लेकिन शुक्रवाहिनी के काट दिए जाने से शुक्राणु शरीर से बाहर नहीं निकल पाते । यह भी Birth control का एक अच्छा तरीका है ।

(B) महिलाओं के लिए परिवार नियोजन के उपाय ( Birth control methods for women)

स्त्रियों के लिए Birth control methods अभी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं जिनमें से 4 तरीके निम्नलिखित हैं-

1: अवरोधक उपाय (Barrier Methods)

इस विधि में योनि के भीतर डायफ्राम का प्रयोग किया जाता है । यह ग्रीवा के मुख पर लगा दिया जाता है और साथ ही स्पर्मी साइडल क्रीम का प्रयोग भी किया जाता है जिससे शुक्राणु गर्भाशय में नहीं पहुंच पाते हैं ।

2: अंतः गर्भाशय युक्ति (Intrauterine Device)

इस विधि में गर्भाशय में कॉपर टी (copper t) या अन्य किसी प्रकार की अन्य युक्ति या डिवाइस रोप दी जाती है । जितने समय तक यह डिवाइस गर्भाशय में रहती है भ्रूण में गर्भ नहीं ठहरता है ।

3: गर्भनिरोधक गोलियां (Birth control pills)

यह विभिन्न प्रकार की गोलियां हैं । जो प्रतिदिन खाई जाती हैं । Birth control pills में एस्ट्रोजेन तथा प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन की निश्चित मात्रा होती है । रुधिर में एस्ट्रोजेन का निश्चित स्तर बना रहने से पीयूष ग्रंथि द्वारा FSH तथा LH का स्त्रावण नहीं होता है । और ग्राफियन पुटिका परिपक्व नहीं होती है । Birth control pills बाजार में सहेली, माला डी आदि नामों से उपलब्ध है । 

4: नसबंदी या ट्यूबेक्टमी ( Tubectomy or Tubal Ligation)

 यह महिलाओं के लिए परिवार नियोजन Birth control का स्थाई उपाय है । जिसमें ऑपरेशन करके फैलोपियन नलिकाओं को काटकर बांध दिया जाता है । इस प्रकार अण्डाणुओं का निर्माण होता रहता है । महावारी चक्र भी सामान्य रूप से चलता रहता है लेकिन अंडाणु फेलोपियन नलिका से आगे नहीं पहुंच पाते हैं । और गर्भधारण नहीं हो पाता है।

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